जहरीली हवा से बच्चों के दिमाग पर खतरा, प्रदूषण से ब्रेन कैंसर का बढ़ सकता है जोखिम: विशेषज्ञ
- By Gaurav --
- Thursday, 23 Jul, 2026
Air Pollution May Raise Brain Cancer
महानगरों में लगातार बढ़ता वायु प्रदूषण अब केवल फेफड़ों और सांस संबंधी बीमारियों तक सीमित नहीं रहा। दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (DSCI) के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक जहरीली हवा के संपर्क में रहने से बच्चों में ब्रेन कैंसर समेत विभिन्न प्रकार के ब्रेन ट्यूमर का खतरा बढ़ सकता है।
संस्थान में क्लीनिकल ऑन्कोलॉजी की सहायक प्राध्यापक डॉ. शांभवी शर्मा ने बताया कि वाहनों और उद्योगों से निकलने वाले कोयले, पेट्रोल और डीजल के धुएं में मौजूद पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (PAHs) जैसे सूक्ष्म विषैले कण बच्चों के मस्तिष्क पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। उनके अनुसार, लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से ब्रेन ट्यूमर का जोखिम बढ़ने की आशंका है, हालांकि इस संबंध में अभी और वैज्ञानिक शोध जारी हैं।
डॉ. शर्मा ने बताया कि नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और अल्ट्रा-फाइन पार्टिकल्स जैसे प्रदूषक सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर सीधे मस्तिष्क के ऊतकों तक पहुंच सकते हैं और उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं।
दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. नीरज अग्रवाल ने भी कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में ट्रैफिक प्रदूषण, पीएम 2.5 (PM2.5) और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के लगातार संपर्क को बच्चों में ब्रेन कैंसर के बढ़ते जोखिम से जोड़ा गया है।
विशेषज्ञों की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब दिल्ली-एनसीआर सहित देश के कई बड़े शहरों में वायु गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि प्रदूषण और ब्रेन कैंसर के बीच संबंध को लेकर अभी और विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता है।